कुरान मे जगह जगह विरोधाभास क्यु??



कुरान मे जगह जगह विरोधाभास क्यु??

1- इँसान किससे बने?? क) खून के लोथड़े (Blood clot) से पैदा किया इँसान को जमे हुये एक खून के लोथड़े से 

सूरा अलक       96 - आयत 2 ख) पानी (Water) से अल्लाह ने हर एक जीवधारी को पानी से बनाया  

सूरा अँबिया      21 - आयत 30 और सूरा नूर 24: आयत 45 और वही है जिसने पानी से एक इँसान को पैदा किया, फिर उसे वँशगत सँबधो और ससुराली रिश्तोवाला बनाया 

सूरा फुरकान    25 -   आयत 54 ग) गारा (Clay) से  हमने इँसान को सड़े हुये गारे की खनखनाती हुयी मिट्टी से बनाया 

सूरा हिज्र         15 -   आयत 26 घ) मिट्टी से  आदम(इँसान) को मिट्टी से बनाया 

सूरा इमरान     3  -   आयत 59  और ये उसकी निशानियो मे से है कि उसने तुम्हे मिट्टी से पैदा किया 

सूरा अर् रूम    30 -  आयत 20  अल्लाह ने तुम्हे मिट्टी से पैदा किया, फिर वीर्य से, फिर जोड़े-जोड़े बनाया

सूरा फातिर      35 -  आयत 11 ङ) धरती से- समूद की तरफ से उसके भाई सलेह को भेजा, उसने कहा, ऐ मेरे कौम के लोगो अल्लाह की बन्दगी करो उसी ने तुम्हे धरती से पैदा किया, और उसमे तुम्हे बसाया

सूरा हूद           11 -  आयत 61 च) किसी से भी नही- क्या इँसान याद नही करता कि हम इसे इससे पहले पैदा कर चुके है, जबकि वो कुछ भी नही था? (गौर करने वाली बात है कि यहाँ पर पुनर्जन्म की सँभावना है नही क्योकि इस्लाम पुनर्जन्म पर यकीन नही करता

सूरा मरयम     19 -  आयत 67 छ) बूँद (Drop) से  उसने इँसान को एक बूँद से पैदा किया, फिर क्या देखता है कि वो झगड़नेवाला बन गया

सूरा अल नहल 16 -  आयत 4  क्या इँसान एक टपकते हुये वीर्य का बूँद नही था

सूरा कियामह   75 -  आयत 37 जाहिर है अल्लाह पूरी तरह भ्रमित है कि इँसान कैसे बना?? या फिर अल्लाह लोगो को उलझा करके बेवकूफ बना रहा है?? या फिर कुरान अल्लाह की किताब है ही नही?? 2) जिन्न कैसे बने??? कुरान के अनुसार जिन्न भी जीवधारी होते है और ये एक तरह से इँसान के जैसे होते है, कुछ जिन्न ईमान ला (मुसलमान) चुके है और अल्लाह की इबादत (पूजा/नमाज) और तस्बीह(स्तुति) करते है जबकि कुछ जिन्न नही करते वे बुरे ( काफिर ) होते है जिन्न बने कैसे??  क) आग (Fire) से  और उससे पहले हम जिन्नो को लौ रूपी अग्नि से पैदा कर चुके है

सूरा हिज्र     15:27 - और जिन्न को हमने आग की लपटो से पैदा किया

सूरा रहमान   55: 15  ख) पानी(Water) से- अल्लाह ने सभी जीवधारियो को पानी से बनाया है
सूरा  21 - आयत 30, सूरा 24: आयत 45 मतलब साफ है अल्लाह जिन्नो के मामले मे भी भ्रमित है 3) अल्लाह और उसका सिहाँसन कहाँ है???  वही है जिसने आकाश और धरती को 6  दिनो  मे पैदा किया फिर सिहाँसन पर विराजमान हुआ

सूरा अल हदीद  57 -  आयत 4  वही है जिसने धरती और आकाश 6 दिनो मे बनाया- उसका सिहाँसन पहले पानी पर था -

सूरा हूद     11-7      हमने इँसान को पैदा किया और हम जानते है जो बाते उसके जी मे आती है, और हम उससे उसके गरदन के रग से भी अधिक निकट है

सूरा काफ      50: आयत 16 => वह कार्यो की व्यवस्था करता है, आकाश से धरती तक फिर सारे मामले उसी की तरफ लौटते है एक दिन मे जिसकी माप तुम्हारी गणना के अनुसार एक हजार वर्ष है 

सूरा सजदा      32: आयत 5  फरिश्ते और रूह (जिब्ररील) उसकी तरफ चढ़ते है, उस दिन मे जिसकी अवधि 50,000 वर्ष है 



सूरा मआरिज  70 -   आयत 4 अल्लाह का सिंहासन 7वे आसमान पर है । उससे पहले अल्लाह का सिंहासन पानीपर था । तो सवाल ये कि पानी पहले आया या अल्लाह?अगर पानी पहले आया तो उसे किसने बनाया?अगर अल्लाह ने पानी बनाया तो उससे पहले अल्लाह कहा रहता था? अगर वो वाकई मे गरदन के रग से भी निकट है तो कार्यो को उस तक वापस पहुँचने मे एक हजार साल कैसे लग सकते है??? और आखिर वाला उदाहरण तो देखकर कोई भी सर पटक लेगा? इँसान को अल्लाह तक पहुँचने मे 1000 साल और फरिश्तो को पहुँचने मे 50,000 साल??? अगर फरिश्तो और जिब्ररील को अल्लाह तक पहुँचने मे 50,000 साल लगते है, तो   (मुहम्मद तो 63 साल(लगभग) जिये थे लगभग 40 साल की उम्र आयते आनी शुरू हुयी थी कुरान की यानि 23 सालो मे जिब्ररील पूरी कुरान की आयते कैसे ला सकता है?? जबकि अल्लाह तक पहुँचने मे तो 50,000 साल लगते है फरिश्तो को???

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