अगर भारतीय मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे
आरएसएस वीएचपी बीजेपी
आरएसएस वीएचपी बीजेपी
अगर गाजा के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे
इज़राइली !
इज़राइली !
अगर अमेरिकन मुस्लिम से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे
American Freedom Defense Initiative!
American Freedom Defense Initiative!
अगर चीन के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
चाइना की सरकार!
चाइना की सरकार!
अगर म्यांमार के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
बौद्धिस्ट!
बौद्धिस्ट!
अगर पाकिस्तान के सुन्नियों से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे बोहरा
,अहमदी!
अगर पाकिस्तान के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
भारत के बहुसंख्यक हिन्दू!
भारत के बहुसंख्यक हिन्दू!
अगर आसाम के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
बोड़ो आदिवासी!
बोड़ो आदिवासी!
अगर इराक के सुन्नियों से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
शिया मुस्लिम!
शिया मुस्लिम!
अगर ब्रिटेन के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
इंग्लिश डिफेंस लीग!
इंग्लिश डिफेंस लीग!
अगर रूस के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
रशियन डिफेंस लीग!
रशियन डिफेंस लीग!
अगर श्रीलंका के मुसलमानो से पूछो की तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन कौन है तो वो बोलेंगे,
Bodu Bala Sena (BBS)!
Bodu Bala Sena (BBS)!
अगर किसी गैर मुसलमान से पूछो की दुनिया मे किसने अशांति फैला रखी है
तो वो सिर्फ एक ही जवाब देंगे......
इस्लाम ( मुस्लिम) ..?
तो वो सिर्फ एक ही जवाब देंगे......
इस्लाम ( मुस्लिम) ..?
भारत का मुसलमान भारत के प्रति कितना वफादार है।
इसका एक नमूना आपके सामने है। सन 2000 में जब बिल क्लिंटन अमेरिका का राष्ट्रपति था
और भारत आने वाला था तब भारत ने परमाणु परीक्षण किये थे
जिसकी वजह से अमेरिका ने भारत पर कड़े प्रतिबन्ध लगाये थे।
इन प्रतिबंधों की वजह से ऑस्ट्रेलिया हमे यूरेनियम और इजरायल पोटेशियम नही बेच पा रहा था।
इसलिए बिल क्लिंटन का भारत दौरा बड़ा अहम था ताकि भारत से सारे प्रतिबंध हट सके
मगर उस समय बिल क्लिंटन ने इराक में सद्दाम हुसैन पर हमले के लिये प्रस्ताव पास करवाया था,
बस बिल क्लिंटन के भारत आते ही भारत के मुसलमानो ने उसके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी,।
इसका एक नमूना आपके सामने है। सन 2000 में जब बिल क्लिंटन अमेरिका का राष्ट्रपति था
और भारत आने वाला था तब भारत ने परमाणु परीक्षण किये थे
जिसकी वजह से अमेरिका ने भारत पर कड़े प्रतिबन्ध लगाये थे।
इन प्रतिबंधों की वजह से ऑस्ट्रेलिया हमे यूरेनियम और इजरायल पोटेशियम नही बेच पा रहा था।
इसलिए बिल क्लिंटन का भारत दौरा बड़ा अहम था ताकि भारत से सारे प्रतिबंध हट सके
मगर उस समय बिल क्लिंटन ने इराक में सद्दाम हुसैन पर हमले के लिये प्रस्ताव पास करवाया था,
बस बिल क्लिंटन के भारत आते ही भारत के मुसलमानो ने उसके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी,।
सद्दाम हुसैन ज़िंदाबाद के नारे लगाये।मगर बिल क्लिंटन की नज़र में मुसलमान भारत का चेहरा नही थे उसने सिर्फ वाजपेयी जी की बात मानी
मगर ज़रा सोचकर देखिये की यदि बिल क्लिंटन का अहंकार उस दिन आड़े आया होता तो क्या हो सकता था ये प्रतिबन्ध और दो साल नही हटते।
मगर ज़रा सोचकर देखिये की यदि बिल क्लिंटन का अहंकार उस दिन आड़े आया होता तो क्या हो सकता था ये प्रतिबन्ध और दो साल नही हटते।
अब भारत के मुसलमानो की बात करते है, इन्हें कोई मतलब नही था कि भारत पर क्या प्रतिबन्ध लगे है।
मतलब था तो सिर्फ इस बात से की इराक में कही सद्दाम हुसैन को कुछ ना हो जाये, भारत गया चूल्हे में।
अब जरा सोचिये की जब इन्होंने इराक के लिये भारत के हितों को नकार दिया तोे भविष्य में यदि भारत और सऊदी अरब का युद्ध हो जाये तो ये क्या करेंगे,।
लिख कर रख लो भारत का मुसलमान सऊदी अरब का ही साथ देगा।
ये ना कभी भारत के साथ पहले आया था ना ही कभी आएगा।
भारत और सऊदी अरब में भी अभी भले ही अच्छे सम्बंध हो मगर भविष्य में एक युद्ध तो निश्चित है ही, क्योकि हम सब जानते है इस समय क्रिश्चियनिटी बनाम इस्लाम का एक युद्ध चल रहा है।
मतलब था तो सिर्फ इस बात से की इराक में कही सद्दाम हुसैन को कुछ ना हो जाये, भारत गया चूल्हे में।
अब जरा सोचिये की जब इन्होंने इराक के लिये भारत के हितों को नकार दिया तोे भविष्य में यदि भारत और सऊदी अरब का युद्ध हो जाये तो ये क्या करेंगे,।
लिख कर रख लो भारत का मुसलमान सऊदी अरब का ही साथ देगा।
ये ना कभी भारत के साथ पहले आया था ना ही कभी आएगा।
भारत और सऊदी अरब में भी अभी भले ही अच्छे सम्बंध हो मगर भविष्य में एक युद्ध तो निश्चित है ही, क्योकि हम सब जानते है इस समय क्रिश्चियनिटी बनाम इस्लाम का एक युद्ध चल रहा है।
अभी ईसाई देश भारी है मगर इस युद्ध में मुसलमानो की जीत पक्की है, वजह है कारण है ईसाईयों का जरूरत से ज्यादा सेक्युलर होना।
और ईसाई देश अंदर से खोखले हो चुके है ।और जिस तरह 1400 साल पहले इजरायल के 60 टुकड़े इस्लाम ने किये थे।
कुछ वही अब यूरोप और अमेरिका में भी संभव है।
जब इस्लाम जीत चुका होगा तो ये सभी अरबी भारत और पूर्वी देशोका रुख करेंगे।
भारत का मुसलमान गजवा ए हिन्द चाहता है ।ताकि मुगल सल्तनत वापस आ सके, अब ये एक कॉमन सेन्स की बात है की भारत का मुसलमान कभी भारत के साथ खड़ा नही होगा
क्योकि मुगल सल्तनत अरबियों का साथ देने से आएगी भारत तो काफिर देश है।
और ईसाई देश अंदर से खोखले हो चुके है ।और जिस तरह 1400 साल पहले इजरायल के 60 टुकड़े इस्लाम ने किये थे।
कुछ वही अब यूरोप और अमेरिका में भी संभव है।
जब इस्लाम जीत चुका होगा तो ये सभी अरबी भारत और पूर्वी देशोका रुख करेंगे।
भारत का मुसलमान गजवा ए हिन्द चाहता है ।ताकि मुगल सल्तनत वापस आ सके, अब ये एक कॉमन सेन्स की बात है की भारत का मुसलमान कभी भारत के साथ खड़ा नही होगा
क्योकि मुगल सल्तनत अरबियों का साथ देने से आएगी भारत तो काफिर देश है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है कि हम क्या करे, मेरा मानना है ।
हम घर बैठे भी बहुत कुछ कर सकते है सबसे बड़ा काम तो ये की मुस्लिम समुदाय का जितना संभव हो उतना बहिष्कार कर दे
हमारी कमाई का एक पैसा भी किसी मुस्लिम को मिले ये हमारे देशके हित में नही है।
दूसरा सबसे बड़ा काम जो हम कर सकते है वो ये की कालाधन छुपाना बंद कर दे
हम घर बैठे भी बहुत कुछ कर सकते है सबसे बड़ा काम तो ये की मुस्लिम समुदाय का जितना संभव हो उतना बहिष्कार कर दे
हमारी कमाई का एक पैसा भी किसी मुस्लिम को मिले ये हमारे देशके हित में नही है।
दूसरा सबसे बड़ा काम जो हम कर सकते है वो ये की कालाधन छुपाना बंद कर दे
सरकारी योजनाओं में पैसे लगाकर या भ्रष्टाचार पर थोड़ा अंकुश लगाकर हम सरकार की तिजोरी और भी ज्यादा भर सकते है।
इसका प्रभाव ये होगा की भविष्य में यदि देश पर इस्लामिक संकट आता है तो सरकार और सेना को विश्व बैंक या आईएमएफ का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा
फिलहाल तो यही 2 रामबाण उपाय है अपना पैसा गलत हाथों में जाने से रोकिये और सही जगह लगाइये।
इसका प्रभाव ये होगा की भविष्य में यदि देश पर इस्लामिक संकट आता है तो सरकार और सेना को विश्व बैंक या आईएमएफ का मुँह नहीं ताकना पड़ेगा
फिलहाल तो यही 2 रामबाण उपाय है अपना पैसा गलत हाथों में जाने से रोकिये और सही जगह लगाइये।
फिर से मेरी बात याद रखिये जब तक इस देश मे हिन्दू धर्म है,तब तक ये देश हमारा है,,धर्म खत्म तो ये देश भी गया हाथ से या तो मुस्लिमो के दास बनकर रहेंगे या क़त्ल कर दिये जायेंगे।। क्योकि इस्लाम कभी किसी पर दया नही करता।
खुद देख लीजिये सीरिया,अफगानिस्तान,पाकिस्तान,इराक़ और दूसरे मुस्लिम देशों में कैसे मानवता का क़त्ल हो रहा है।
इसलिये वक़्त रहते जागने में ही भलाई है।
खुद देख लीजिये सीरिया,अफगानिस्तान,पाकिस्तान,इराक़ और दूसरे मुस्लिम देशों में कैसे मानवता का क़त्ल हो रहा है।
इसलिये वक़्त रहते जागने में ही भलाई है।
सनातन धर्म की जय
अधर्म का नाश हो
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हिंदी हिंदू हिंदुस्तान
जयतु जय हिंदू राष्ट्रम्
जय श्री राम
जयतु जय हिंदू राष्ट्रम्
जय श्री राम
