पूरी दुनिया मे धर्म कितने है?
प्रश्न : उसका नाम क्या है?
उत्तर : सत्य सनातन वैदिक धर्म ।
उत्तर : सत्य सनातन वैदिक धर्म ।
प्रश्न : फिर हिन्दु,मुस्लिम ,जैन,बौद्ध ,ईसाई आदि धर्म नही है क्या?
उत्तर : कदापि नही ये मत ,संप्रदाय है । अर्थात किसी एक विचार धारा के मानने वाले लोगो का समूह।
प्रश्न : तब वैदिक धर्म ने व इनमें क्या अंतर है?
उत्तर : ये सारे मत ,संप्रदाय केवल व केवल अपने अपने मत संप्रदाय मे शामिल होने की बात करते है । जैसे मुस्लिम कहेंगे मुस्लिम बनो ,ईसाई कहेंगे ईसाई बनो,जैनी कहेंगे जैन बनो आदि आदि ।
उत्तर : ये सारे मत ,संप्रदाय केवल व केवल अपने अपने मत संप्रदाय मे शामिल होने की बात करते है । जैसे मुस्लिम कहेंगे मुस्लिम बनो ,ईसाई कहेंगे ईसाई बनो,जैनी कहेंगे जैन बनो आदि आदि ।
किन्तु वेद कहते है :- मनुर्भव:
अर्थात मनुष्य बनो।
मनुष्य बनने के लिये वेदों ने धर्म के दस नियम बताये । ये दस नियम जाहे किसी भी मत,संप्रदाय , देश का व्यक्ति हो सब पर लागू होते है अर्थात सबका धर्म एक ही है वह वैदिक धर्म है।
इसलिये सभी को वेदों का अनुसरण करना चाहिये । वेदों का पढ़ना व पढ़ाना हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
वेद कहता है कि मन वाणी व कर्म से किसी का अहित मत करो। किन्तु याद रहे धर्म हिंसा तथैव च अगर धर्म के लिये लड़ना पड़े तो पिछे नही हटना चाहिये है।
जैसे भगवान राम व क्रष्ण ने धर्म के लिये अनेक युद्ध किये ।
वह वेदों के ग्याता थे
वह वेदों के ग्याता थे
सत्य सनातन वैदिक धर्म कि जय
जय आर्यावर्त
जय आर्यावर्त

हर हर महादेव
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