
बच्चे ( Children ) खेल खेल में कैसे सीख सकते है खेती ?
आज तक तो हमारे दादा ही खेती करते आए है और पापा को तो कभी कभी ही देखा है ! हम बच्चो ( Children ) को तो पता ही नहीं खेती आखिर होती कैसे है ? हम तो बस खाना खाना जानते है !
अब हम बच्चे ( Children ) भी सीखेंगे खेती करना ! मगर कैसे ?
मिनी फार्मिंग प्रोजेक्ट !
अब बच्चे ( Children ) अपने छत पर ही खेती करना सीख सकते हैं !
अगर आप अपने छत पर ही खेती करना चाहते है तो आपको कुछ चीजों की जरुरत होगी ! जैसे – रेक्टेंगुलर ग्रो बैग
इसमें आप मिट्टी ,कोकोपिट वर्मीकम्पोस्ट डाल कर खेत तैयार कर सकते हैं !
फिर हैंड हेल्प स्प्रेयर से पानी का छिड़काव करे और २४ घंटा छोर दे !
२४ घंटे के बाद तैयार गार्डनिंग टूल्स की मदद से खेत में क्यारी बनाए ताकि अलग -अलग तरह का बिज़ डाल सके ! इसमें आप ट्रैवेल की मदद ले सकते है फिर कल्टीवेटर की मदद से बिज़ डालने की लाइन तैयार करे फिर वीडर की मदद से मिट्टी में छेद करे और हर क्यारी में अलग -अलग तरह का बिज़ डाले और हेल हल्क़े हाथों से मिट्टी को बराबर कर दे !
इसमें आप किसी तरह का बिज़ डाल सकते है जैसे –बैगन ,मिर्ची ,मटर ,मेथी ,गाजर ,मूली ,धनिया ,बिन्स ,गोभी ,करैला ,खीरा इत्यादि !
रोज़ इसमें पानी का छिड़काव करते रहे ताकि मिट्टी में नमी बरक़रार रहे ! १० से १५ दिन बाद आप देखेंगे की उस खेत में छोटे -छोटे खूबसूरत पौधे निकल आएंगे !
उन पौधों को आप अलग -अलग लगाने के लिए छोटे वाले रेक्टेंगुलर ग्रो बैग में मिट्टी डाल कर तैयार कर लें और ट्रांसप्लांटर कि मदद से एक -एक पौधो को आराम से निकाले और तैयार किया हुआ छोटे वाले बैग में वीडर की मदद से मिट्टी फैला कर पौधे को उसमे डाल दे और मिट्टी को पौधे के जड़ पर चढ़ा कर हल्का दबा दे ! फिर स्प्रेयर की मदद से फुहारा डालें और अलग -अलग जगह पर रखे २० से २५ दिन बाद आप देखेंगे की हर बैग में एक खूबसूरत और स्वस्थ पौधा फूल लगे हुआ तैयार है ! गार्डनिंग के लिए !

अब आप इसमें समय-समय पर खरपतवार निकालते रहे ,कीटनाशक का छिडक़ाव करे और जरुरत के हिसाव से पानी छिरकाव करते रहे और ताजी -ताजी सब्जी का आनंद ले ! इन सब्जीयो को खाने का मज़ा ही कुछ और हैं !
जब पौधा बड़ा होने लगे तो पुराने डालो को कटर की मदद से काट दे ताकि लम्बे समय तक आप उस पौधे पर सब्जी उगा सके !

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