हिन्दू समाज इनको बचाने के लिए महासभाएं करता घूम रहा था।


नमस्ते दोस्तो
●दोस्तो कुछ लोगो ने जिद पकड़ी है कि वो मोदी को सबक सिखाएंगे,अब सबक क्या है कि उसको कुर्सी से उतार देंगे।इसका मतलब अगली बार भाजपा को वोट नही करेंगे और भाजपा को सत्ता से हटा देंगे। तो इससे ये लोग मोदी को सबक सिखाएंगे।
●मोदी जो कि प्रधानमंत्री बन चुके है 5 साल तक उनको हिलाने वाला कोई नही है और भारतीय सविधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति 1 दिन के लिए भी प्रधानमंत्री बन जाता है तो उसको वो सारी सुविधाएं मिलती है जो किसी 10 या 20 साल रहे प्रधानमंत्री को मिलती है। अर्थार्थ उसको जो पेंशन है,उसको मिलने वाला बंगला है,उसको मिलने वाली सिक्योरिटी है अर्थार्थ उसका मान-सम्मान कभी भी कम नही होगा।
●तो मोदी की लाइफ पूरी तरह से राजा वाली जिंदगी है और मोदी को जो करना था कर चुके है।
ना तो उन्हें अपने बच्चे को सेट करना है,ना ही भतीजे को,ना ही भाई को,ना ही अपने दामाद को और ना ही अपने किसी रिश्तेदार को या परिवार को राजनीति में सेट करने है। उनका जीवन तो पूरी तरह से साफ-सुथरा है लेकिन सबक तो हम सिख जाएंगे।
सबक तो ये 135 करोड़ की जनता जरूर सिख जाएंगी यदि मोदी कों प्रधानमंत्री नही बनाया गया तो।
●ये बात बार-बार उठा कौन रहा है?
एक विशेष समुदाय है, जाती है हिन्दुओ की जिसने अपने कंधों पर ये जिम्मा उठाया है कि हम मोदी को सबक सिखाएंगे।
● कैराना में उनकी वोट की संख्या है तकरीबन 1,70,000(एक लाख सत्तर हजार)। ये वो लोग है जो वोटिंग के समय अपना दामाद या जीजा ढूंढने जाते है।
●इस बार इन कैराना वालो ने क्या किया है कि वोटिंग के टाइम जीजा नही मीले तो कोई बात नही अबकी बार उनकी माता जी मिल गयी है उनको इन्होंने वहाँ का मेम्बर ऑफ पार्लियामेंट बना दिया है।
◆ये वही जाती है जो 2013 में मारी जा रही थी।
2013 में इन लोगो को मार के नहर में बहा दिया गया था।
◆2013 में ही सम्पूर्ण हिन्दू समाज इनको बचाने के लिए महासभाएं करता घूम रहा था। इनको कटने से बचा रह था।
◆कहानी कहा से सुरु होती है?
कहानी एक गाँव से सुरु होती है जिसमे मुसलमानों का गाँव है बाहर। मुसलमानों का परिवार बाहर रहता है गाँव से एक खेत मे ।
‌◆उन कैराना वालो का एक लड़का अपनी बहन को बाइक पर बैठा कर गाँव से बाहर चला जा रहा था, उन बाहर रह रहे मुसलमानों ने लड़की को छेड़ा।
‌भाई को गुस्सा आया।
‌अपने कजन के साथ वो अपनी बहन के साथ हुई छेड़छाड़ का बदला लेने गया,हाथापाई हुई।यहाँ तक पहुँच गयी कि मुसलमान की हत्या हो गयी।
◆बदले में क्या हुआ ?
■ बदले में ये हुआ कि लगभग 50 मुसलमानों ने घेरकर उन दोनों हिन्दू भाइयों को मार डाला इस कैराना वाली विशेष जाती के हिन्दू भाईयो को।
◆यहाँ से पुरा बवाल मचता है।
■ ये जाती के लोग एक स्थान पर जाते है वहाँ अपनी महासभा करते है वहाँ से लौट रहे होते है तभी घात लगाकर बैठे मुसलमान इनको घेरते है,इन हिन्दुओ को एक-एक करके,बुरी तरह से काटते है ये मुसलमान।
■ तकरीबन 60 लोग वह से लापता होते है उसी दिन।उसके बाद कभी नही मिलते।उनको काटकर मारकर बुरी तरह से हत्या कर दी गयी ।
■ सभी 60 के अंदाजा में मारे गए इन कैराना वाले हिन्दू भाइयों को काटकर के मारके वहाँ नहर में टुकड़े -टुकड़े करके बहा दिया जाता है।
■ उस समय 2013 उतर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी,मायावती का यूपी में पूरा दबदबा था या फिर एक तरह से कब्जा था बहुत जगह समझिए।
■ उस समय 2013 मे केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और इस क्षेत्र में इस हिन्दू जाती का जो सबसे बड़ा नेता था अजित सिँह वो हुआ करता था और अब इसके बाद में इन चारों की पृष्ठभूमि थी केंद्र से लेकर के राज्य सरकार,जिला और गाँव तक।
■ इनकी पृष्ठभूमि भी आज आपको सपष्ट कर देते है;
■ समान जाती का होने के बावजूद भी अजित सिंह इन कैराना के हिन्दुओ से मिलने नही जाता है।
■अखिलेश यादव की जिसकी राज्य में सरकार थी ऊपर से इन्ही हिन्दुओ को जेल में ठूस दिया जाता है।
■इस 2013 कि मनमोहनी( खानदानी काले अंग्रेज लूटेरो के परिवार) की सरकार ने भी इन मुस्लिमो पर कोई करवाई नही की,बल्कि इन मुसलमानों को 5-5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जी हाँ सही सुना केवल मुस्लिमो को ही मूआवजा मिला 200 से भी ज्यादा हिन्दुओ को मारने पर ध्यान से याद कीजिये उस समय को।
■ बची मायावती की सरकार तो उन्होंने इस दिन का जशन मनाया था कि हिन्दू दलित भाईयो के मारे जाने पर वो भी उन मुस्लिमो के हाथों।
●चारो लोगो की बाते आपके सामने रख दी है।
◆आज इस घटना को हुए 5 साल पुरे हो चुके है। 5 साल के बाद इन कैराना के हिन्दुओ ने फैसला किया है कि उल्टे जिन लोगो ने हमे बचाया था चाहे उसमे संगीत सिँह सोम हो,चाहे उसमे सुरेश राणा हो,चाहे उसमे बाबू हुक्म सिँह हो और बाकी अन्य जितने भी लीडर है जितना कि उस समय सम्पूर्ण हिन्दू समाज इकट्ठा हुआ था उन सभी अपने ही धर्म के लोगो की भावनाओ को हम आहत पहुचायेंगे।
■ ये जो चारो पार्टियां उन लोगो के खिलाफ खड़ी हुई थी इन्होंने एक कैंडिडेट खड़ा किया और उसी कैंडिडेट को इन कैराना के हिन्दुओ ने सपोर्ट किया है।
■कैराना में उस हिन्दू जाती की वोट कितनी है??? 1,70,000(एक लाख सत्तर हजार)।
■वहाँ भारतीय जनता पार्टी की कैंडिडेट केवल और केवल 44,000(चवालिश हजार) वोटों से हारी है।
अब होता क्या है इन्होंने इनके अपने घर वालो का बदला उस भारतीय जनता पार्टी को हराकर लिया जिन्होंने इनको उस समय पूरा सहारा दिया था जब इनको सबसे ज्यादा जरूरत थी।
■ इन कैराना वाले हिन्दू लोगो को ये बिल्कुल भी पसंद नही है कि मुसलमान आकर इन लोगो की माँ,बहन,बेटी को छेड़े और कोई भी हिन्दू समाज आकर इन लोगो को बचाएं।
■ ईन कैराना के हिन्दू लोगो को ये भी पसंद नही है कि कैराना में इन हिन्दुओ को खदेड़ा जाए तो वहाँ योगी सरकार आकर कानून को कायम रखे और इनकी बहन,बेटी,माँ की सुरक्षा करे। उन पर दंगा करने वाले इनके ही गाँव वालों समेत हिन्दू भाइयो को मारने वाले मुल्लो को योगी सरकार एनकाउंटर करे और इनकी सुरक्षा करे।
■ इन लोगो को बिल्कुल भी पसंद नही है चैन,अमन-शांति हो या फिर इस्लामिक आतंवाद जो दिनों-दिन हर रोज कैराना और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ रहा है जो लव जिहाद है उसको लगाम लगे,बन्द हो ये इन लोगो को बिल्कुल भी पसंद नही आया है।
■ इन कैराना के हिन्दू लोगो को केवल एक ही चीज पसंद आई है की इनका जो मुसीबत में साथ दे फिर चाहे वो मोदी ही क्यों ना हो उसको सबक सिखाना है।
■ जिन चारो दलों ने इन्ही की काट की थी आज यही लोग उन चारो दलों के तलवे चाटने के लिए आ चुके है।
■ इसमें हम और आपको क्या मिलने वाला है ?
हम और आपको वही मिलने वाला है जो कर्नाटक में 2018 में भरे रोड शो में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे,भरे रोड शो में धमकियां मिली और कहा जाता है कि यदि हम मुस्लिम यहाँ से विधायक चुने जाते है तो कर्नाटक के हम उस क्षेत्र के सभी हिन्दू युवकों को कटवा देंगे।
■ कर्नाटक में आपको पता है कितने हिन्दू भाई हर दूसरे दिन मेरे जा रहे है लेकिन इस बात का असर इन हिन्दू लोगो पर बिल्कुल भी नही पड़ता क्योंकि मुसलमान इनकी बहन,बेटियो को सरे आम छेड़ते है।उनका बलात्कार करते है उनको मारते है। इनके बचो को भी तस्सली से काटकर मरते है तो इन लोगो को अच्छा लगता है।
■ यदि हिन्दू समाज इनकी सपोर्ट में आता है तो इनको बुरा लगता है और ये चुनाव को पूरी तरह से परिवर्तित कर देंगे और ये मोदी को सबक सिखाने के लिए आ जाएंगे।
■★ ऐसा तो नही है कि मोदी ने विकास कार्य ना किये हो,मोदी ने रोड ना बनवाये हो ।
★मोदी ने पाकिस्तान को जवाब ना दिया हो।
★या फिर मोदी ने पाकिस्तान को वैश्विक सत्तर पर कमजोर ना किया हो।
★ या फिर हमारे जो सम्बन्ध विदेशों में बिगड़े हुए थे उन्हें सुधारा ना हो।
★ या फिर रेलवे में,सड़क में,यातायात में,कारोबार में,व्यापार इत्यादि में वैश्विक पृष्ठ भूमि पर कोई कार्य ही ना किया हो।
★ ना ही मोदी ने कोई घोटाला किया है ।
★ ना अपने किसी रिश्तेदार को ऊंचे पद पर बैठाया है।
★ ना ही फिर अपने रिश्तेदार को कहि पर टिकट भी दिया है।
★★ तो फिर मोदी का विरोध क्यों???
★★ मोदी का विरोध है भी इसीलिए की वो जातिवादी नही है।
■ और जिन लोगो का इन्होंने साथ दिया है वो घोर जातिवाद में फंस हुए है ओर तो ओर इन्होंने तो इनके पूरे पारिवारिक लोगो को ही फायदा दिया है जरूरतमंद तो जाए भाड़ में इनके लिए । और इन कैराना के हिन्दुओ का तो क्या कहना ये घोर जातिवाद में फंस चुके है इनको बस ये दिखाई देता है कि आज इनकी जाती का कैंडिडेट नेता खड़ा हुआ है जो सिर्फ इनकी जाती का है।
■ ये वही हिन्दू जाती का नेता है जब इन्ही कैराना की जाती के हिन्दुओ को काटकर के नदियों में टुकड़े-टुकड़े करके बहाया गया था तब ये चैन की निंद्रा में सोए हुया था।
■ लेकिन नही इन लोगो को जातिवाद प्रथम चाहिए।
इन लोगो के लिए देश,धर्म,संस्कृति महत्वपूर्ण नही है बल्कि इनका जातिवाद ज्यादा महत्वपूर्ण है जिस जातिवाद के नेता ने इन लोगो को मरते हुए देखकर भी कुछ नही किया बल्कि उल्टा इन्ही को जेल में ठूस दिया गया था वो ऐसा ही करे दुबारा से।
■ चुनाव पूरी तरह से हिन्दू vs मुस्लिम हुआ लेकिन इस बात को ये हिन्दू बिल्कुल भी समझ नही पाया ।
■ ये वो मुसलमान है जो 2002 को नही भूले है।
■ 2002 में गलती किसकी थी मुसलमानों की । गोधरा में 59 लोगो को मारा-जिंदा जला दिया गया था तब जाकर के क्रिया की प्रतिक्रिया हुई थी,लेकिन वो मुस्लिम उस बात को आज तक नही भूले है।
■ 5 साल पहले 2013 में गलती किसकी थी???
गलती किसी इमरान नाम के मुसलमान की थी हिन्दू लड़की को छेड़ा गया इसी कैराना की विशेष हिन्दू जाती की लड़की को छेड़ा गया ।इन्ही के दोनो भाइयों को मारा गया ।
■ उसके बदले में फिर जब सभा हुई तो विपरीत हिन्दुओ के ही 60 लोगो को मारा गया ।
■ फिर दुबारा से झगड़ा हुआ तो उसमें पत्रकार भी मारे गए और इनके लिए आये अन्य जातियो के हिन्दू लोगो को भी मारा गया ।
■ मुसलमानों के प्रत्येक व्यक्ति ने हिन्दुओ को सैंकड़ो की संख्या में मारने के बाद ही 5-5 लाख रुपये का मूवाअजा भी लिया इन्ही हिन्दुओ को मारने का इनाम इन्हें मिला इन्ही कैराना के हिन्दू विशेष की जाती वाले नेता से,इसी आखिरी हिन्दू राष्ट्र में।
■ ओर तो ओर इसके बाद भी हिन्दू जाती के लोगो को जेल में भी ठुस्वाया,मरवाया बाद में भी।
■ इन सबके बाद मुस्लिम election को हिन्दू vs मुस्लिम लेकर चले है लेकिन फिर भी हिन्दू लोग मने नही है।
■ ये मुसलमान नही भूले है बाबरी की मस्जिद जिसको बाबर ने हिन्दुओ का मंदिर तोड़कर ही बनवाया था। जहां गलती किसकी थी सिर्फ और सिर्फ उस बाबर की,यानी इन्ही मुसलमानों की।
■ लेकिन हमारे हिन्दू भाई कितनी आसानी से भूल गए है डायरेक्ट एक्शन डे को 1 हफ्ते के अंदर 6-6 लाख हिन्दुओ को मारा गया था।
■ ◆●★ आखिर में गलती हमेशा इनही मुसलमानों की होती है लेकिन फिर भी ये मुस्लिम विक्टिम कार्ड खेलते है कि इन मुसलमानों को यहा भारत जैसे देश मे दबाया गया है,इनको हमेशा कुचला गया है। ये तो ना 1991 को भूले है ना 2002 को भूले है।
■◆◆★ लेकिन हिन्दू कितनी आसानी से एक नही ना जाने कितने दंगो को भूल जाते है और तो ओर अभी हाल ही में 5 वर्ष पूर्व हुए दंगे भी । ये सिर्फ और सिर्फ इसलिए भूल जाते है कि मोदी को मजा चखाना है।
>पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने है।
>2013 की तरह आने वाले समय मे जल्द ही फिर से मुजफ्फरनगर से भी बड़े इतिहास को दोहराने की तैयारी कर रहे है।
>लेकिन इन जातिवाद में बटे हुए हिन्दुओ का क्या ,इनको को जातिवाद चुनना है फिर चाहे वो आपको मार ही क्यों न दे।
कुत्ता आप लोगो का ही बनना है।
★★★★★ अभी भी ज्यादा समय नही बचा है इस जातिवाद को छोड़कर के हिन्दुओ एक हो जाओ वरना अंत निश्चित है और हिन्दुओ का तो कोई दूसरा देश भी नही है कि शरण ले सको। याद रहे सम्भलने का मौका और समय हर किसी को बार बार नही मिलता है।★★★★★★जय आर्य★★★★★★
★★★★★★जय आर्यव्रत★★★★★★
ॐ️️️

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